About Our College
Discover our rich history, mission, and leadership
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कॉलेज का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा वातावरण प्रदान करना है जहां एक विद्यार्थी न केवल राष्ट्र का एक अच्छा नागरिक बन सके अपितु राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सके। कॉलेज का मुख्य दृष्टिकोण विद्यार्थियों को शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे मुख्यधारा के करीब हों। संस्था द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों को वेबसाइट पर बताया और प्रदर्शित किया जाता है । कॉलेज का उद्देश्य स्पष्ट और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करना है। बी. ए. बी.ए. के अंतर्गत अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, अंग्रेजी साहित्य और हिंदी साहित्य विशायीं काअध्यापन होता है। अर्थशास्त्र से उन्हें वित्त से संबंधित रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलती है। यह उन्हें राष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य से अवगत कराता है। इतिहास और राजनीति विज्ञान विद्यार्थियों को इन विषयों की बुनियादी नींव रखने में मदद करता है। भविष्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने में लाभान्वित होते हैं। साहित्य विषय उन्हें शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के रूप में तथा व्यक्तित्व विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करता है । बी. सी. ए. हर क्षेत्र में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग को देखते हुए महाविद्यालय में बी. सी. ए. कोर्स उपलब्ध किया गया है । कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक कोर्स विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है । हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। पी. जी. डी. सी. ए. पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (पीजीडीसीए) उन स्नातक छात्रों के लिए है जो कंप्यूटर अनुप्रयोगों में रुचि रखते हैं तथा बैंकिंग, बीमा और लेखा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कंप्यूटर अनुप्रयोग सीखना चाहते हैं। एम. ए. एम.ए. (मास्टर ऑफ आर्ट्स) एक पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर का कोर्स है जो सामान्यतः दो साल की अवधि का होता है। वे विद्यार्थी त्र एम.ए. कोर्स कर सकते हैं जिन के पास संबधित विषय में स्नातक डिग्री हो । रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर पूर्व में रायगढ़ विकास खंड के इस वनांचल ओड़िसा सीमावर्ती आदिवासी , हरिजन बाहुल्य इलाके में उच्च – शिक्षा कि आवश्यक्ता महसूस कि गयी । विशेषकर पिछड़े आदिवासी एवं हरिजन कन्यायों के उच्च शिक्षा को लेकर इस अंचल के विद्यानुरागियों के मन में वर्षों से स्वप्न पल रहा था । आखिर इस स्वप्न को साकार करने के लिए स्व. श्री शशिधर पंडा सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में बटमूल आश्रम शिक्षण समिति का गठन किया गया । तत्पश्चात सबके सामूहिक प्रयास से ग्राम महापल्ली में मध्यप्रदेश शासन एवं गुरु घासीदास विश्वविद्यालय द्वारा बटमूल महाविद्यालय को सम्बद्धता प्राप्त हुई । महाविद्यालय का शुभारम्भ प्रख्यात भूगोलविद डॉ बी पी पंडा ,प्राचार्य के कर कमलों से हुई । महाविद्यालय के प्रथम प्राचार्य होने का श्रेय प्रो पी एन मेहर को मिला । सन १९९९ में हिंदी , राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र से स्नातक स्तर की कक्षाएं प्रारम्भ की गई । सन् २००० में समाजशास्त्र एवं सन २००१ में भूगोल विषय प्रारम्भ किये गये । छात्रों की मांग से सन २००३-०४ राजनीति शास्त्र में एम ए तथा सन २००४ – ०५ में भूगोल में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारम्भ की गई । इस प्रकार सन १९९९ में ४४ छात्र से प्रारम्भ कॉलेज में अब 647 छात्र – छात्राएं अध्ययनरत हैं । शिक्षा , दीक्षा , स्वावलम्बन एवं सेवा के उद्देश्य से प्रारम्भ किया गया यह महाविद्यालय अपने उद्देश्य में काफी सफल है |
Established with a vision to empower communities through education, Batmul College offers a diverse range of programs designed to meet the evolving needs of society. Our dedicated faculty, modern facilities, and student-centered approach create an environment where learning thrives.
We believe education is a right, not a privilege. As a non-profit, our focus is on impact—not income. Every initiative we undertake is aimed at enriching lives, fostering innovation, and building a better tomorrow.